जो वतन पे शहीद हो जाते हैं
क्या कभी हमने सोचा है उनके लिए भी,
जो वतन पे शहीद हो जाते हैं!
अपने प्राणों कि आहुति देकर,
वे भारत मां की लाज बचाते हैं!!
जान हथेली पे लेकर,
वे, हम सबकी रक्षा करते हैं!
दुश्मनो के साथ मे लड़ते-लड़ते,
हंसते हुए वे मरते है!!
रेगीस्तान कि तपती गर्मी हो,
या बर्फ़ीली ठंड हवाएं हो!
दुर्गम पहाड़ हो या नदिया,
गहरे समुद्र या घटाएं हो!!
ऐसे भी दिन कभी आते हैं,
जब खाने-पिने कि कोई आश नही!
आंखो मे नींद नही आती,
और दुश्मनो का कोई विस्वाश नही!!
अपने घर-परिवार को छोड़के वे,
हम सब की रक्षा करते हैं!
उनकी यादों को अपने सीने मे,छिपा,
उनकी खुशहाली कि कामना करते है!!
धन्य है ऐसी माताएं,
जिन्होने ऐसे वीरों को जन्म दिया!
ऐसी अमर सुहागिने ,भी धन्य हैं,
जो अपने सुहाग को देश रक्षा मे लगा दिया..!
क्या कभी हमने सोचा है उनके लिए भी,
जो वतन पे शहीद हो जाते हैं!
अपने प्राणों कि आहुति देकर,
वे भारत मां की लाज बचाते हैं!!
जान हथेली पे लेकर,
वे, हम सबकी रक्षा करते हैं!
दुश्मनो के साथ मे लड़ते-लड़ते,
हंसते हुए वे मरते है!!
रेगीस्तान कि तपती गर्मी हो,
या बर्फ़ीली ठंड हवाएं हो!
दुर्गम पहाड़ हो या नदिया,
गहरे समुद्र या घटाएं हो!!
ऐसे भी दिन कभी आते हैं,
जब खाने-पिने कि कोई आश नही!
आंखो मे नींद नही आती,
और दुश्मनो का कोई विस्वाश नही!!
अपने घर-परिवार को छोड़के वे,
हम सब की रक्षा करते हैं!
उनकी यादों को अपने सीने मे,छिपा,
उनकी खुशहाली कि कामना करते है!!
धन्य है ऐसी माताएं,
जिन्होने ऐसे वीरों को जन्म दिया!
ऐसी अमर सुहागिने ,भी धन्य हैं,
जो अपने सुहाग को देश रक्षा मे लगा दिया..!

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