ये दुनिया है कैसी,जिसमे कोई नही सुनता !
सब को अपनी-अपनी, नही किसी की चिन्ता है!!
हर तरह के लोग यहा, कई रंग बदलते है!
जिसकी जैसी ईच्छा ,वो वैसे ही करते है!!
मतलब के लिए ये लोग ईमान , बदलते है!
पैसो के लि यहा लोग ,आपस मे लड़ते है!!
कई लोग तड़प कर के बिन भुख से मरते है!
पर बहु लोग खाते -खाते ही मरते है!!
कई बच्चे भी ऐसे ,जिन्हे दूध नही मिलता!
इसिलिए ही ये जीवन उन्हे ,उनका नही मिलता!!
कई पढ़े -लिखे नौ -जवा,जिन्हे काम नही मिलता!
अपने करतब का उन्हे ईनाम नही मिलता!!
दौलत के लिए यहा लोग ईज्जत को बेचते है!
अपने खुशियो का पौधा, खुन से सिचते है!!
ये घुटन भरी दुनिया,जिसमे रहा नही जाता!
हालत को देख-देख करके, कुछ कहा नही जाता!!
सब को अपनी-अपनी, नही किसी की चिन्ता है!!
हर तरह के लोग यहा, कई रंग बदलते है!
जिसकी जैसी ईच्छा ,वो वैसे ही करते है!!
मतलब के लिए ये लोग ईमान , बदलते है!
पैसो के लि यहा लोग ,आपस मे लड़ते है!!
कई लोग तड़प कर के बिन भुख से मरते है!
पर बहु लोग खाते -खाते ही मरते है!!
कई बच्चे भी ऐसे ,जिन्हे दूध नही मिलता!
इसिलिए ही ये जीवन उन्हे ,उनका नही मिलता!!
कई पढ़े -लिखे नौ -जवा,जिन्हे काम नही मिलता!
अपने करतब का उन्हे ईनाम नही मिलता!!
दौलत के लिए यहा लोग ईज्जत को बेचते है!
अपने खुशियो का पौधा, खुन से सिचते है!!
ये घुटन भरी दुनिया,जिसमे रहा नही जाता!
हालत को देख-देख करके, कुछ कहा नही जाता!!

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