Saturday, August 6, 2011

"तुम समां बांधो सात रंगों का"

तुम समां बांधो सात रंगों का,
तुम्हारा भी आसमां हो सात रंगो का।

धूप की मानिंद खूब चमको,
तुम्हारा भी सूरज हो सात रंगों का।

चांद से तुम्हीं गुजारिश करना,
कभी वो भी हो सात रंगों का।

चंपा, चमेली, जूही, गेंदा औ गुलाब,
रातरानी, रजनीगंधा हो सात रंगों का।

खुदा का नूर बरसे मौसमों पर,
आज हर बादल हो सात रंगों का।

कलियों को यूं महकाओ तुम,
बहारों का आगाज हो सात रंगों का।

जहां ठिकाना हो उनकी यादों का,
दिल का वो कोना हो सात रंगों का।

कभी हम घुल जायें इनके रंगों में,
शाम का नजारा हो सात रंगों का।

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