सन्नाटों में शोर उतर आया होगा जब
बाद मुददतों कोई घर आया होगा जब
रौशनी ने कुछ दम भर साँस ली होगी
चराग आंधी से गुजर आया होगा जब
उसने कीमत में जिंदगी लगा दी होगी
इश्क में वो सौदा कर आया होगा जब
माँ के आँचल की छाँव याद आती होगी
गाँव छोड़कर के शहर आया होगा जब
लफ्ज़ सफहों पे नमी लेकर उतरे होंगे
के अब्र यादों का इधर आया होगा जब
हर आहट उसकी आमद लगती होगी
नींद में उसका असर आया होगा जब
चंद क़दमों के फासले मीलों लगे होंगे
कोई तन्हा सा सफ़र आया होगा जब
बाद मुददतों कोई घर आया होगा जब
रौशनी ने कुछ दम भर साँस ली होगी
चराग आंधी से गुजर आया होगा जब
उसने कीमत में जिंदगी लगा दी होगी
इश्क में वो सौदा कर आया होगा जब
माँ के आँचल की छाँव याद आती होगी
गाँव छोड़कर के शहर आया होगा जब
लफ्ज़ सफहों पे नमी लेकर उतरे होंगे
के अब्र यादों का इधर आया होगा जब
हर आहट उसकी आमद लगती होगी
नींद में उसका असर आया होगा जब
चंद क़दमों के फासले मीलों लगे होंगे
कोई तन्हा सा सफ़र आया होगा जब
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